वकील, लॉयर, एडवोकेट और बैरिस्टर में क्या अन्तर है ????


मित्रों मैं तो कक्षा में सबसे पिछली सीट पर बैठने वाला लोफर साइंस साइड का शरारती स्टूडेंट्स था हालाँकि बाकि लोगों की तरह मेरी जानकारी भी इस मामले में सिमित है पर इस प्रश्न को पढने के बाद इस बारे में और जानने की इच्छा हुई अपनी खोज और ज्ञान आप सब के साथ साझा कर रहा हूँ अगर अज्ञानता बस कुछ गलत टिप्पणी हो जाएँ तो हमें बताने की कृपा करिएगा 

लॉयर (LAWYER): लॉयर एक वर्गीय (GENERIC) परिभाषा है। लॉयर उस व्यक्ति को बोलते हैं जो अभी कानून की पढाई (LLB) कर रहा है या कर चुका है। हालाँकि लॉयर को अदालत में केस लड़ने की अनुमति तब तक नहीं मिलती जब तक वह BCI (बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया) की परीक्षा को पास न कर ले और उसका सर्टिफिकेट उसको न मिल जाएँ लॉयर से आप कानूनी मामलों में सुझाव व सहायता ले सकते हैं।


ऐडवोकेट(Advocate): ऐडवोकेट वो व्यक्ति होता है जिसकी कानून और BCI की परीक्षा पूरी हो चुकी होती है एवं BCI से सर्टिफिकेट भी मिल चुका होता है। ऐडवोकेट को कोर्ट में केस लड़ने की अनुमति होती है एवं वह अपने मुवक्किल(CLIENT) का पक्ष रखने का अधिकार रखता है। ADVOCATE ACT 1961 में दी गई ऐडवोकेट की परिभाषा आप यहाँ पढ़ सकते हैं।

ऐडवोकेट शब्द का प्रयोग इंग्लैंड और अन्य राष्ट्रमंडल(कॉमनवेल्थ) देशों में किया जाता है। हर ऐडवोकेट लॉयर हो सकता है पर हर लॉयर ऐडवोकेट नहीं हो सकता।


बैरिस्टर (BARRISTER): वह व्यक्ति जो अपनी कानून की पढाई और डिग्री इंग्लैंड से प्राप्त करता है उसको बैरिस्टर कहते हैं। गाँधी जी अपनी कानून की पढाई करने इंग्लैंड गए थे और वहाँ से बैरिस्टर बन कर अफ्रीका और फिर भारत लौटे थे।


पब्लिक प्रासीक्यूटर (PUBLIC PROSECUTOR): यह व्यक्ति अपनी कानून की पढाई और BCI से सर्टिफिकेट प्राप्त कर चुका होता है और इसको राज्य सरकार से पीड़ित का पक्ष रखने का काम मिलता है।


ऐडवोकेट जनरल (ADVOCATE GENERAL): वह व्यक्ति जिसके पास एडवोकेट होने की क्षमता होती है अगर राज्य सरकार की तरफ से राज्य सरकार का पक्ष रखता है तो उसे ऐडवोकेट जनरल कहा जाता है। यह पद भारत के संविधान द्वारा बनाया गया है और राज्य के राज्यपाल उस व्यक्ति को ही ऐडवोकेट जनरल बनाते हैं जो उच्च न्यायलय (HIGH COURT) में न्यायधीश बनने के योग्य हो।


अटॉर्नी जनरल (ATTORNEY GENERAL): अगर एक व्यक्ति जो एडवोकेट बनने की क्षमता रखता है, केंद्र सरकार द्वारा केंद्र सरकार का पक्ष रखने के लिए नियुक्त किया जाता है, तब उसको अटॉर्नी जनरल बोला जाता है। अटॉर्नी जनरल बनने की भी अलग शर्तें होती हैं।


सोलिसिटर जनरल (SOLICITOR GENERAL): वह व्यक्ति जो ऐडवोकेट बनने की क्षमता रखता हो और अटॉर्नी जनरल के अंतर्गत काम करता है उसको सोलिसिटर जनरल बोलते हैं। सोलिसिटर जनरल का काम अटॉर्नी जनरल को सलाह व सहायता प्रदान करना होता है।


वकील: इन सभी को आसान व आम बोल चाल की भाषा में वकील कह दिया जाता है।