गुजर गया एक और दिन, बिन देखे, बिन बात किए। वो जो कहते थे सब्र करो, सब्र का फल मीठा होता है। फिर क्यों नही ला दे देते उसे मुझे, जैसे वो फल हो कोई। चलो मान लिया नही होती सब्र मुझसे, रोक नही सकता विचारो को अपने, क्या बस यही कारण है?…
जब कही दिन भर के गुलामी के बाद सर से जिमेद्दारियो का उतरता है बोझ, तब सताती है उसकी याद। देख लेता हु सड़क पर जोड़ो को हाथ पकड़े हुए, तब सताती है उसकी याद। खा-पी कर सुकून की तलाश में बिस्तर से लिपटता हू जब, तब सताती है उसकी याद। आ…
सबसे ज्यादा पूछे जाना वाला प्रश्न -- और सुनाओ?? चलिए फिर आज सुनाता ही हु। दिल बैठ जाता है हाथ कांपने लगते है। कुछ मेहसूस नही होता बस एक गंगनाहट सी महसूस हो रही होती है। जो तो न अच्छी लग रही और ना ही खराब बस सब कुछ सुन्न सा लग रह…
यह कहावत काशी में खूब चलती है. पहला तथ्य— काशी में विधवा आश्रम खूब हैं अतएव पहला खतरा यह है कि काशी में आप किसी विधवा के चक्कर में पड़ सकते हैं. दूसरा तथ्य—काशी में सांड बहुत हैं अतएव किसी के भी सींगों पर चढ़कर आप देवलोक गमन कर सकत…
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